मुशरर्फ़ मान जाओ...पद का मोह छोड़ो...बहुत तबाह किया जम्भूरियत को...तुम्हारा तबाह होना अनक़रीब है...
Thursday, August 9, 2007
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जो सच के सारथी हैं...साथ चले आएँ
मुशरर्फ़ मान जाओ...पद का मोह छोड़ो...बहुत तबाह किया जम्भूरियत को...तुम्हारा तबाह होना अनक़रीब है...
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